सम्भल। जिले में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। ईसापुर मूसापुर निवासी एक मासूम को सांप के काटने के बाद परिजनों ने सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में एंटीवेनम देने के बजाय मासूम को रेबीज का इंजेक्शन और पीसीएम टैबलेट दी गई।

परिजनों के मुताबिक डॉक्टर ने पर्ची और अस्पताल के रजिस्टर में भी रेबीज का इंजेक्शन दर्ज किया। इंजेक्शन लगाए जाने के बाद मासूम की हालत बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। इसके बाद परिजनों ने मासूम को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है और वह वेंटिलेटर पर उपचाराधीन है।

मासूम की हालत बिगड़ने के बाद परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि समय पर उचित उपचार नहीं मिलने के कारण बच्चे की हालत चिंताजनक हो गई। मामले में संबंधित डॉक्टर और अस्पताल की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

हालांकि, सरकारी अस्पताल की ओर से मामले में अभी कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। घटना की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उपचार में वास्तव में किस स्तर पर लापरवाही हुई। मामले ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।