(रईस अल्वी संवाददाता संभल)
24 कोसी परिक्रमा मार्ग से लेकर 68 तीर्थों के जीर्णोद्धार तक… विकास के लिए खुला ₹300 करोड़ का ख़ज़ाना!
– संभल पर मेहरबान योगी सरकार!
संभल में ‘धर्म कॉरिडोर’ की एंट्री! योगी सरकार ने पहली किश्त के तौर पर जारी किए ₹100 करोड़ से ज्यादा!
24 कोसी परिक्रमा मार्ग से लेकर 68 तीर्थों के जीर्णोद्धार तक… विकास के लिए खुला ₹300 करोड़ का ख़ज़ाना!
एंकर – संभल को धार्मिक और पर्यटन हब बनाने की दिशा में योगी आदित्यनाथ सरकार ने काम शुरू कर दिया है। अयोध्या और काशी की तर्ज पर संभल को भी यूपी का नया बड़ा धार्मिक-पर्यटन केंद्र बनाए जाने की कोशिश तेज कर दी गई है 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर विवाद के बाद देशभर में सुर्खियों में आए संभल की तस्वीर अब तेजी से बदलने की तैयारी है।
वी ओ – योगी सरकार अब संभल के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को नया स्वरूप देने में जुट गई है। 68 तीर्थ और 19 प्राचीन कूपों वाले इस पौराणिक नगर में बड़े स्तर पर जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण का काम शुरू किया जा रहा है। इसी कड़ी में बहुप्रतीक्षित 24 कोसीय परिक्रमा मार्ग परियोजना को भी हरी झंडी मिल गई है।
DM संभल अंकित खंडेलवाल ने वंशगोपाल तीर्थ का निरीक्षण करते हुए बताया कि पूरे 24 कोसी परिक्रमा मार्ग के विकास के लिए ₹300 करोड़ से ज्यादा का अनुमानित बजट तय किया गया है। पहले चरण में ₹100 करोड़ से अधिक की रकम रिलीज भी कर दी गई है।
प्रशासन के मुताबिक लगभग 38 हेक्टेयर जमीन खरीदी जाएगी और परिक्रमा मार्ग को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। वंशगोपाल तीर्थ से शुरू होने वाले इस धार्मिक कॉरिडोर में फ्लोरिंग, भव्य गेट, पब्लिक एमेनिटीज और पर्यटन सुविधाओं का निर्माण कराया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।
DM ने बताया कि सरकार की कोशिश सिर्फ सड़क बनाने की नहीं, बल्कि पूरे धार्मिक क्षेत्र को “इंटीग्रेटेड टूरिज्म और फेथ कॉरिडोर” के रूप में विकसित करने की है। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण कर विकास योजनाओं की रूपरेखा भी तैयार की।
अब सवाल ये उठ रहा है कि क्या अयोध्या और काशी की तर्ज पर संभल को भी यूपी का नया बड़ा धार्मिक-पर्यटन केंद्र बनाया जा रहा है?
फिलहाल इतना तय है कि योगी सरकार ने संभल के विकास के लिए खज़ाना खोल दिया है और आने वाले समय में संभल की तस्वीर पूरी तरह बदलती नजर आ सकती है।