बिहार के सिवान जिले में NEET पेपर लीक मामले को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसक झड़प में सिवान के पुलिस अधीक्षक (SP) घायल हो गए। प्रदर्शन के दौरान छात्रों की ओर से फेंके गए पत्थर से उनके हाथ में चोट लगी, लेकिन घायल होने के बावजूद उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों से पीछे हटने के बजाय तत्काल कार्रवाई कर प्रशासनिक सख्ती का परिचय दिया।
प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एक पुलिस जवान छात्रों की ओर AK-47 ताने और फायरिंग करता दिखाई दिया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठने लगे। मामले की जांच में वायरल वीडियो में दिख रहे जवान की पहचान SIT में तैनात अभिषेक पटेल के रूप में हुई। जांच के बाद SP पूरन कुमार झा ने बिना देरी किए संबंधित जवान को निलंबित कर दिया।
इस त्वरित कार्रवाई के बाद घायल होने के बावजूद निष्पक्ष निर्णय लेने को लेकर SP पूरन कुमार झा की चर्चा तेज हो गई है। वह 2018 बैच के IPS अधिकारी हैं और वर्तमान में सिवान के 41वें पुलिस अधीक्षक के रूप में तैनात हैं। इससे पहले वह बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस-13, दरभंगा में समादेष्टा, भागलपुर में ASP, पटना में यातायात SP, नवगछिया में SP तथा BSAP-15 भीमनगर, सुपौल में सहायक समादेष्टा सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
मधुबनी जिले के रहिका निवासी पूरन कुमार झा ने जोधपुर के एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज से बीई की पढ़ाई की। वर्ष 2013 में उनका चयन राजस्थान लेखा सेवा में हुआ था, जहां उन्होंने अतिरिक्त कोषाधिकारी के रूप में कार्य किया। बाद में UPSC परीक्षा उत्तीर्ण कर IPS बने। कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और त्वरित प्रशासनिक निर्णयों के लिए पहचाने जाने वाले पूरन कुमार झा एक बार फिर सिवान की घटना के बाद सुर्खियों में हैं।