जयपुर। शहर के त्रिपोलिया बाजार स्थित विद्याधर का रास्ता की एक पुरानी हवेली में करीब 10 महीने पहले हुई तोड़ाई के दौरान कथित तौर पर मिले खजाने का मामला अब पुलिस जांच के घेरे में है। हवेली की तोड़ाई के दौरान सोने के सिक्कों से भरे कलश, चांदी की सिल्लियां और पुराने चांदी के सिक्के मिलने का दावा किया गया था। आरोप है कि हवेली मालिक को इसकी जानकारी दिए बिना ठेकेदार और मजदूरों ने कथित तौर पर कीमती सामान आपस में बांट लिया।
पुलिस के मुताबिक, हवेली मालिक राहुल सेठी ने नए कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए डिवाइन-1 एलएलपी को ठेका दिया था। तोड़ाई का जिम्मा महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू को सौंपा गया था। शिकायत में करीब 40 से 45 किलो चांदी की सिल्लियां, 14 से 15 कलशों में सोने के सिक्के और 8 से 10 हजार पुराने चांदी के सिक्के मिलने का दावा किया गया है।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की अचानक बदली आर्थिक स्थिति को भी अहम सुराग माना। पुलिस का दावा है कि ठेकेदार महेश मल्होत्रा, जो पहले मजदूरी से जुड़ा था, बाद में बुलडोजर और ट्रैक्टर जैसी महंगी मशीनों का मालिक बन गया। वहीं, एक मजदूर द्वारा बेटी की शादी में करीब 20 लाख रुपये खर्च किए जाने की जानकारी भी जांच में सामने आई है।
मामले में मजदूर अनुज अरोड़ा के कम हिस्सा मिलने की शिकायत के बाद विवाद बढ़ा। आरोप है कि अनुज ने बाद में हवेली मालिक से संपर्क कर कथित खजाने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
माणक चौक थाना पुलिस और डीएसटी जयपुर नॉर्थ ने जांच आगे बढ़ाते हुए महेश मल्होत्रा, जगदीश राजोरिया, ओमप्रकाश खीची, रजनी मल्होत्रा और अनुज अरोड़ा को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 66.4 किलो चांदी बरामद करने का दावा किया है।
पुलिस अब कथित सोने के सिक्कों, कलशों और हजारों पुराने चांदी के सिक्कों की बरामदगी के लिए पूछताछ कर रही है। फिलहाल सोने के कलश और सिक्कों से जुड़ी जानकारी शिकायत व पूछताछ में सामने आए दावों पर आधारित है। मामले की जांच जारी है।