कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर चिरैया नाले की पुलिया के प्रोटेक्शन वर्क का हिस्सा धंसने से एक्सप्रेसवे की सुरक्षा और निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। यह मामला लखनऊ से कानपुर जाने वाली लेन पर किलोमीटर संख्या 36.8 और 36.9 के बीच सामने आया।
बताया जा रहा है कि लगातार बारिश और पानी के तेज बहाव के कारण पुलिया के सुरक्षा निर्माण के नीचे की मिट्टी बह गई। मिट्टी के कटाव से पुलिया के नीचे खाली जगह बन गई और प्रोटेक्शन वर्क का एक हिस्सा धंस गया। घटना की जानकारी मिलते ही एनएचएआई की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का निरीक्षण किया।
अधिकारियों के अनुसार, धंसे हुए हिस्से में मिट्टी भरकर तत्काल मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया गया है। प्रोटेक्शन वर्क का मुख्य उद्देश्य पानी के बहाव से मिट्टी के कटाव को रोकना होता है। इसके कमजोर होने से पुलिया के साथ-साथ एप्रोच रोड की मजबूती भी प्रभावित हो सकती है।
बारिश के मौसम में मिट्टी के लगातार कटाव की स्थिति बनी रही तो सड़क के आधार के कमजोर होने और भविष्य में सड़क धंसने का खतरा बढ़ सकता है। इससे पहले भी एक्सप्रेसवे पर सड़क में दरार, जलभराव और अन्य समस्याओं को लेकर सवाल उठ चुके हैं।
फिलहाल एनएचएआई की ओर से मरम्मत का काम कराया जा रहा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि धंसाव की वास्तविक वजह क्या सामने आती है और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए स्थायी समाधान के तौर पर क्या कदम उठाए जाते हैं।