
मंडी सचिव क्षितिज भटनागर की पहल से किसानों को राहत, जाम से बचाव और पेयजल समेत बैठने की व्यवस्था

बहजोई, संभल। धान की फसल पकने के बाद किसान अपनी उपज लेकर मंडी समिति बहजोई पहुंचने लगे हैं। मंडी में धान की आवक बढ़ने के साथ ही ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं। वहीं, बरसात के कारण फसल को नुकसान झेल चुके किसानों के सामने अपनी उपज को सुरक्षित मंडी तक पहुंचाने की चुनौती भी रही है। ऐसे में किसानों को राहत देने और मंडी में व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए मंडी प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए हैं।

मंडी सचिव क्षितिज भटनागर की पहल पर मंडी परिसर में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के आने और बाहर जाने के लिए अलग-अलग रास्तों की व्यवस्था की गई है। इससे वाहनों की आवाजाही सुचारु रखने और जाम की समस्या से बचाव करने में मदद मिल रही है। पहले मंडी में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां घंटों जाम में फंस जाती थीं, जिससे किसानों के साथ-साथ राहगीरों और अन्य यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ती थी। इस बार यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंडी परिसर में पेयजल की व्यवस्था भी की गई है। बैलगाड़ियों से अपनी उपज लेकर आने वाले किसानों और उनके पशुओं के लिए भी पानी की सुविधा उपलब्ध कराने के इंतजाम किए गए हैं। इसके अलावा किसानों के बैठने और आराम करने के लिए भी व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें मंडी में अपनी उपज बेचने के दौरान अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
मंडी प्रशासन का उद्देश्य है कि किसान बिना किसी बाधा के अपनी उपज लेकर आएं और सुविधाजनक तरीके से बिक्री की प्रक्रिया पूरी कर सकें। यदि किसी किसान को आढ़ती या किसी अन्य स्तर पर परेशानी होती है, तो वह मंडी सचिव क्षितिज भटनागर के समक्ष अपनी शिकायत रख सकता है। मंडी प्रशासन की ओर से शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया गया है।
मंडी प्रशासन के इन प्रयासों से धान खरीद के दौरान किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और मंडी की व्यवस्था सुचारु बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।
