पश्चिम बंगाल में बड़ा सियासी बदलाव, विधानसभा भंग होने के बाद नई सरकार गठन की प्रक्रिया तेज

की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राज्यपाल ने 17वीं विधानसभा को भंग करने का आदेश जारी कर दिया है। यह फैसला 2026 विधानसभा चुनाव परिणामों और राज्य में बने राजनीतिक हालात को देखते हुए लिया गया। राज्यपाल ने संविधान के अनुच्छेद 174(2)(b) के तहत प्राप्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए यह आदेश जारी किया।

सरकारी अधिसूचना के अनुसार, 7 मई 2026 से पश्चिम बंगाल विधानसभा औपचारिक रूप से भंग मानी जाएगी। इस आदेश पर राज्य के मुख्य सचिव दुष्यंता नरियाला ने हस्ताक्षर किए हैं। विधानसभा भंग होने के साथ ही मौजूदा कार्यकाल समाप्त हो गया और अब 18वीं विधानसभा के गठन का रास्ता साफ हो गया है।

हाल ही में हुए चुनावों में बीजेपी ने 293 में से 207 सीटों पर जीत दर्ज कर पहली बार राज्य में सरकार बनाने की स्थिति हासिल की है। वहीं की पार्टी को बड़ा झटका लगा है। चुनाव नतीजों के बाद ममता बनर्जी ने कई सीटों पर वोट चोरी के आरोप लगाए थे और इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद राजनीतिक गतिरोध बढ़ गया।

अब भाजपा विधायक दल की बैठक के जरिए नए नेता का चयन करेगी। सूत्रों के मुताबिक भी कोलकाता पहुंचकर पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को में आयोजित हो सकता है, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।

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