नेपाल सरकार ने भारतीय नंबर प्लेट वाले वाहनों के संचालन को लेकर नए और सख्त नियम लागू कर दिए हैं। इन नियमों का असर सीमा पार जाकर घूमने वाले पर्यटकों और व्यापारियों दोनों पर पड़ेगा। अब नेपाल में प्रवेश करने से पहले सभी भारतीय वाहनों के लिए भंसार (कस्टम) अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
बिना वैध अनुमति के वाहन चलाना गैर-कानूनी माना जाएगा और पकड़े जाने पर भारी जुर्माना या वाहन जब्त तक किया जा सकता है।
नए नियमों के तहत नेपाल सरकार के भंसार (महाशुल्क) ऐन 2071 को सख्ती से लागू किया गया है। इसके अनुसार, सीमा पर स्थित भंसार कार्यालय से अनुमति लेने के बाद ही किसी भी भारतीय वाहन को नेपाल में प्रवेश मिलेगा। अनुमति के साथ निर्धारित दैनिक शुल्क भी जमा करना होगा।
शुल्क की दरें वाहन के प्रकार के अनुसार तय की गई हैं। दोपहिया वाहनों के लिए 100 रुपये प्रतिदिन, तीन पहिया वाहनों के लिए 400 रुपये प्रतिदिन और चार पहिया वाहनों (कार, जीप, वैन) के लिए 600 रुपये प्रतिदिन शुल्क निर्धारित किया गया है।
इसके अलावा, नेपाल में किसी भी विदेशी वाहन के संचालन की अधिकतम अवधि एक आर्थिक वर्ष में 30 दिन तय की गई है। यह अवधि लगातार या अलग-अलग समय में पूरी की जा सकती है, लेकिन कुल अवधि 30 दिनों से अधिक नहीं होनी चाहिए।
यदि कोई वाहन निर्धारित समय सीमा से अधिक नेपाल में पाया जाता है, तो उस पर अतिरिक्त जुर्माना लगाया जाएगा और गंभीर मामलों में वाहन को स्थायी रूप से जब्त भी किया जा सकता है। इन नियमों का उद्देश्य सीमा पार वाहनों के संचालन को नियंत्रित करना और राजस्व व्यवस्था को मजबूत बनाना बताया जा रहा है।