नई दिल्ली महिला आरक्षण विधेयक को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उसने महिलाओं के साथ “धोखा” किया है।
लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े संवैधानिक संशोधन विधेयक को आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल सका। मतदान में 298 सांसदों ने बिल के पक्ष में और 230 ने विरोध में वोट किया, जबकि इसे पारित करने के लिए 352 वोटों की जरूरत थी।
स्मृति ईरानी ने कहा कि कुछ विपक्षी दल बिल के गिरने को अपनी राजनीतिक जीत की तरह पेश कर रहे हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ तुरंत नहीं मिलने पर जश्न मना रहे हैं।
उन्होंने कड़ा बयान देते हुए कहा कि “जो लोग इस पर ताली बजा रहे हैं, उन्हें देश की महिलाएं कभी माफ नहीं करेंगी।” साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर ठोस कदम क्यों नहीं उठाए।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ने महिला सशक्तिकरण के नाम पर सिर्फ राजनीति की, जबकि जमीनी स्तर पर महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला।
स्मृति ईरानी ने यह भी कहा कि सरकार महिलाओं को अधिक राजनीतिक भागीदारी देने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में संतुलित व न्यायसंगत प्रयास किए जा रहे हैं।