रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बढ़ते आर्थिक दबाव के बीच रूस ने अपने सेंट्रल बैंक के भंडार से सोना बेचना शुरू कर दिया है। करीब 25 वर्षों में पहली बार रूस ने इस तरह सीधे बाजार में सोने की ईंटें बेचने का कदम उठाया है। बर्लिन स्थित न्यूज आउटलेट बीएनई इंटेलिन्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, रूस के सेंट्रल बैंक ने इस साल जनवरी में करीब 3,00,000 औंस और फरवरी में 2,00,000 औंस सोना बेचा है। यानी सिर्फ दो महीनों में लगभग 14 टन सोने की बिक्री की गई है, जो 2002 के बाद किसी भी दो महीने की अवधि में सबसे बड़ी बिक्री मानी जा रही है।
इन बिक्री के बाद रूस का सोने का भंडार घटकर 7.43 करोड़ औंस रह गया है, जो पिछले चार वर्षों का सबसे निचला स्तर है। हालांकि इसके बावजूद रूस के पास अभी भी 2000 टन से अधिक सोना मौजूद है और वह दुनिया में सोने का पांचवां सबसे बड़ा धारक बना हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यूक्रेन के साथ जारी युद्ध और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के कारण रूस पर भारी वित्तीय दबाव बना हुआ है। तेल और गैस से होने वाली आय में गिरावट और बढ़ते सैन्य खर्च के चलते सरकार को अपने रिजर्व का सहारा लेना पड़ रहा है।