(रईस अल्वी संवाददाता संभल)
संभल जिले के ग्राम करनपुर कास्त निवासी गौतम को उसकी मां स्वर्गीय शकुन्तला देवी की बीमा धनराशि न देना डाक विभाग को भारी पड़ गया। दरअसल, शकुन्तला देवी ने 8 मार्च 2022 को ग्रामीण डाक जीवन सुरक्षा बीमा योजना के तहत 10 लाख रुपये की पॉलिसी ली थी। 19 फरवरी 2023 को उनके निधन के बाद नामित पुत्र गौतम ने सभी औपचारिकताएं पूरी कर बीमा राशि के लिए दावा किया।
हालांकि, डाक जीवन बीमा विभाग ने यह कहते हुए भुगतान से इंकार कर दिया कि पड़ोसियों के अनुसार मृतका पहले से बीमार थीं और उन्हें कोई आंतरिक बीमारी थी। इस पर गौतम ने उपभोक्ता मामलों के अधिवक्ता लव मोहन वार्ष्णेय के माध्यम से जिला उपभोक्ता आयोग, संभल में परिवाद दाखिल किया।
सुनवाई के दौरान बीमा विभाग ने पड़ोसियों के बयान को सबूत के रूप में पेश किया, जिसका अधिवक्ता ने कड़ा विरोध करते हुए कहा कि बिना किसी चिकित्सीय प्रमाण के किसी को बीमार घोषित नहीं किया जा सकता और केवल पड़ोसियों के आधार पर बीमा राशि रोकी नहीं जा सकती।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आयोग ने बीमा विभाग को निर्देश दिया कि वह परिवादी को 10 लाख रुपये की बीमा राशि 7% वार्षिक ब्याज सहित दो माह के भीतर अदा करे। साथ ही मानसिक कष्ट और आर्थिक हानि के लिए 10 हजार रुपये तथा वाद व्यय के रूप में 5 हजार रुपये भी देने के आदेश दिए। निर्धारित समय में भुगतान न होने पर ब्याज दर 9% वार्षिक लागू होगी।