नई दिल्ली (एजेंसी)। ईरान इस समय गंभीर आर्थिक संकट और आसमान छूती महंगाई से जूझ रहा है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि वहां की करेंसी की कीमत लगभग बेकार हो गई है और लोगों की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है।
ईरान सरकार को मजबूर होकर 1 करोड़ (10 मिलियन) रियाल के नोट जारी करने पड़े हैं, लेकिन इसके बावजूद आम जनता को राहत नहीं मिल रही। भारतीय मुद्रा में 1 करोड़ ईरानी रियाल की कीमत करीब 700 से 725 रुपये के बीच है, जबकि अमेरिकी डॉलर में यह लगभग 7 डॉलर के बराबर है।
खाद्य पदार्थों की कीमतों ने आम लोगों की कमर तोड़ दी है। आटा करीब 5.2 लाख रियाल प्रति किलो, चावल लगभग 2 लाख रियाल प्रति किलो और दूध करीब 6 लाख रियाल प्रति लीटर तक पहुंच चुका है। ऐसे में एक परिवार के लिए साधारण भोजन जुटाना भी चुनौती बन गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, चार से पांच लोगों के परिवार का एक दिन का बेसिक खर्च 1 से 3 करोड़ रियाल तक पहुंच रहा है। मांस, फल और डेयरी उत्पाद जैसी चीजें आम लोगों की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान में बढ़ती महंगाई के पीछे कई कारण हैं, जिनमें अमेरिकी प्रतिबंध, विदेशी व्यापार में गिरावट, डॉलर की कमी और हालिया युद्ध जैसी परिस्थितियां शामिल हैं। इन कारणों से ईरानी मुद्रा लगातार कमजोर हो रही है और आयातित वस्तुएं बेहद महंगी हो गई हैं।
कुल मिलाकर, ईरान में आर्थिक संकट इस स्तर पर पहुंच चुका है कि बड़ी राशि रखने के बावजूद आम नागरिकों के लिए जीवन यापन करना बेहद कठिन होता जा रहा है।