इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त रुख: निर्दोष युवक को 3 महीने जेल में रखने पर सरकार पर 10 लाख का जुर्माना


इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त रुख: निर्दोष युवक को 3 महीने जेल में रखने पर सरकार पर 10 लाख का जुर्माना
लखनऊ बेंच ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता के उल्लंघन के एक गंभीर मामले में उत्तर प्रदेश सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने एक युवक को बिना ठोस कारण तीन महीने तक जेल में रखने को असंवैधानिक करार देते हुए सरकार पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है

मामला जिले के निवासी मनोज कुमार से जुड़ा है, जिन्हें 27 जनवरी 2026 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। हैरानी की बात यह रही कि उन्हें लंबे समय तक उनके खिलाफ स्पष्ट आरोप तक नहीं बताए गए। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि पूरी प्रक्रिया कानून के खिलाफ और बेहद लापरवाही भरी थी।

खंडपीठ ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करते समय कारण बताना उसका मौलिक अधिकार है, और ऐसा न करना संविधान का सीधा उल्लंघन है। कोर्ट ने अपर मुख्य सचिव (गृह) के जवाब पर भी नाराजगी जताई और इसे गैर-जिम्मेदाराना बताया।

अदालत ने मनोज कुमार की तत्काल रिहाई के आदेश दिए और यह भी कहा कि सरकार चाहे तो यह जुर्माना जिम्मेदार अधिकारियों से वसूल सकती है। यह फैसला प्रशासन के लिए एक सख्त चेतावनी माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *