मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने और सीजफायर की घोषणा के बाद ग्लोबल कमोडिटी बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के संघर्षविराम ऐलान के बाद निवेशकों का रुख एक बार फिर सोने की ओर बढ़ा, जिससे इसकी कीमतों में तेजी दर्ज की गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत करीब 1.6 प्रतिशत बढ़कर लगभग 4,780 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। वहीं स्पॉट गोल्ड करीब 1.4 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,770 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया। चांदी में भी मजबूती देखने को मिली और इसकी कीमत करीब 2.6 प्रतिशत बढ़कर लगभग 74.90 डॉलर तक पहुंच गई।
हालांकि फरवरी के अंत में जब क्षेत्र में तनाव शुरू हुआ था, तब से सोने की कीमतों में करीब 10 प्रतिशत तक गिरावट भी दर्ज की गई थी। कई निवेशकों ने अन्य बाजारों में हुए नुकसान की भरपाई के लिए सोना बेचा था, जिससे इसकी सुरक्षित निवेश वाली छवि पर कुछ असर पड़ा था।
दूसरी ओर कच्चे तेल के बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। Brent Crude और WTI Crude की कीमतों में भारी कमी दर्ज की गई। WTI क्रूड लगभग 19 प्रतिशत गिरकर करीब 91 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जो एक दिन पहले 112 डॉलर से अधिक था।
विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने से तेल की सप्लाई बाधित होने का खतरा घट गया है, जिससे कीमतों पर दबाव बना है। वहीं डॉलर इंडेक्स में भी करीब 0.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिससे सोने की कीमतों को अतिरिक्त समर्थन मिला।