उन्नाव |STAR NEWS 24 DESK | RAIS ALVI
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां को लेकर की गई कथित टिप्पणी को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इस मामले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी की माता का अपमान करना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्नाव दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत में शंकराचार्य ने कहा कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन किसी के परिवार को निशाना बनाना भारतीय संस्कृति और सभ्यता के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में ‘माता’ को सर्वोच्च स्थान दिया गया है और उसके खिलाफ अपमानजनक शब्दों का प्रयोग समाज की मर्यादाओं को आहत करता है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही एक सन्यासी हों, लेकिन उनकी माताजी समाज के लिए सम्माननीय हैं। किसी भी व्यक्ति द्वारा उनके खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करना उस व्यक्ति की संकीर्ण सोच और विकृत मानसिकता को दर्शाता है।
शंकराचार्य ने कहा कि धार्मिक और सामाजिक नेताओं की जिम्मेदारी होती है कि वे समाज को सही दिशा दिखाएं और अपने शब्दों में मर्यादा बनाए रखें। यदि कोई व्यक्ति धर्म के नाम पर किसी के परिवार के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करता है, तो यह न केवल गलत है बल्कि धर्म के नाम पर कलंक भी है।
उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में विचारों का मतभेद हो सकता है, लेकिन भाषा और संस्कार की मर्यादा हर हाल में बनाए रखनी चाहिए। संत समाज और देश की जनता ऐसे अपमानजनक बयानों को स्वीकार नहीं करती।
शंकराचार्य ने प्रशासन से भी मांग की कि समाज में वैमनस्य फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए जरूरी है कि सार्वजनिक जीवन में मर्यादित भाषा और जिम्मेदार व्यवहार को प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने अंत में कहा कि किसी भी व्यक्ति के परिवार को राजनीतिक या धार्मिक विवादों में घसीटना भारतीय संस्कृति और सभ्यता के मूल्यों के खिलाफ है, इसलिए ऐसे बयानों की खुलकर निंदा की जानी चाहिए।