(रईस अल्वी संवाददाता संभल)
ग्राम चंदौसी चावड़ा निवासी स्वर्गीय जयवीर सिंह के बीमा क्लेम मामले में बैंक और बीमा कंपनी की लापरवाही सामने आई है। जयवीर सिंह ने अपने जीवनकाल में प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक, छाबड़ा में खाते के साथ प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत ₹20 जमा कर पॉलिसी ली थी और नियमित प्रीमियम जमा करते रहे।
29 जनवरी 2023 को खेत की रखवाली के दौरान आवारा पशुओं की टक्कर से वे गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसके बाद 30 जनवरी 2023 को उनकी मृत्यु हो गई। नियमानुसार पोस्टमार्टम कराया गया। उनकी पत्नी संतोष देवी, जो बैंक खाते में नॉमिनी थीं, ने बीमा क्लेम के लिए आवेदन किया, लेकिन बीमा कंपनी ने यह कहते हुए दावा खारिज कर दिया कि पॉलिसी में नॉमिनी उनका बेटा योगेंद्र सिंह है।
इसके बाद योगेंद्र सिंह ने क्लेम किया, तो बीमा कंपनी ने एक साल दो महीने की देरी का हवाला देकर भुगतान से इनकार कर दिया। पीड़ित पक्ष ने बताया कि पहले बैंक के कहने पर मां द्वारा क्लेम किया गया था, जिससे देरी हुई और इसमें उनकी कोई गलती नहीं थी।
मामले में उपभोक्ता मामलों के अधिवक्ता लव मोहन वार्ष्णेय ने जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया। सुनवाई के दौरान बैंक और बीमा कंपनी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते नजर आए।
आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुनाते हुए बीमा कंपनी को आदेश दिया कि वह योगेंद्र सिंह को ₹2 लाख की बीमा राशि 7% वार्षिक ब्याज सहित दो माह के भीतर अदा करे। साथ ही ₹25,000 मानसिक व आर्थिक क्षति और ₹5,000 वाद व्यय के रूप में देने के निर्देश दिए।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि तय समय में भुगतान न करने पर ब्याज दर बढ़ाकर 9% वार्षिक लागू होगी।