(रईस अल्वी संवाददाता)
गरीबी और सिस्टम की लापरवाही की एक बेहद दर्दनाक तस्वीर सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। जीतू मुंडा नाम का एक युवक अपनी ही बहन के कंकाल को कंधे पर उठाकर ले जाने को मजबूर हो गया। कारण था—न पैसे, न कोई सहारा और न ही समय पर प्रशासनिक मदद को pw के संस्थापक अलख पांडे ने 10 लख रुपए देकर मदद की
बताया जा रहा है कि आर्थिक तंगी इतनी ज्यादा थी कि वह अंतिम संस्कार तक की व्यवस्था नहीं कर सका। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर गरीबों के लिए बनी योजनाएं ज़मीन पर कितनी कारगर हैं।
हालांकि, इस अंधेरे में एक उम्मीद की किरण भी देखने को मिली। प्रसिद्ध शिक्षक अलख पांडे ने इस मामले में आगे आकर आर्थिक मदद दी और पीड़ित परिवार को सहारा दिया। उनके इस कदम की सोशल मीडिया पर जमकर सराहना हो रही है।
यह घटना न सिर्फ एक व्यक्ति की मजबूरी को दिखाती है, बल्कि समाज और सिस्टम को आईना भी दिखाती है कि अब भी कई लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।