ईरान और पश्चिमी देशों के बीच जारी पीस डील वार्ता के बीच ईरान ने एक बार फिर अपनी कड़ी रणनीतिक स्थिति साफ कर दी है। देश के शीर्ष नेतृत्व की ओर से स्पष्ट कहा गया है कि परमाणु क्षमता, मिसाइल तकनीक और ड्रोन शक्ति को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। इस बयान ने वैश्विक राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
ईरान के सुप्रीम लीडर ने फारस की खाड़ी के आजादी दिवस पर दिए संदेश में अमेरिका पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “शैतान अमेरिका” के जरिए दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ईरान किसी भी हाल में झुकने वाला नहीं है। उनके अनुसार, परमाणु शक्ति केवल तकनीक नहीं बल्कि देश की राष्ट्रीय पूंजी और पहचान है।
खामनेई ने कहा कि देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए हजारों लोगों ने बलिदान दिया है, इसलिए अपनी ताकत से समझौता संभव नहीं है। उन्होंने को ईरान की रणनीतिक और आर्थिक ताकत बताते हुए इसे “ईश्वरीय आशीर्वाद” कहा।
अमेरिका और यूरोपीय देशों पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी शक्तियों ने क्षेत्र में अस्थिरता और संघर्ष को बढ़ावा दिया है। साथ ही यह भी कहा कि ईरान की वैज्ञानिक और सैन्य क्षमताएं—जैसे नैनो टेक्नोलॉजी, बायोटेक और मिसाइल सिस्टम—देश की रक्षा की मजबूत नींव हैं।
ईरान ने साफ संकेत दे दिया है कि वह अपनी रणनीतिक ताकत के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा, जिससे आने वाले समय में वैश्विक कूटनीति और भी तनावपूर्ण हो सकती है।