STAR NEWS 24 | टेक डेस्क | RAIS ALVI
मनोरंजन की दुनिया में पिछले कुछ वर्षों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। एक समय था जब लोग मनोरंजन के लिए अपने घरों में केबल टीवी लगवाते थे। इसके बाद केबल की जगह डायरेक्ट-टू-होम (DTH) सेवाओं ने ले ली। लेकिन अब तकनीक के तेजी से बदलते दौर में डीटीएच इंडस्ट्री भी दबाव में आ गई है और उसकी जगह धीरे-धीरे इंटरनेट आधारित डिजिटल सेवाएं लेती नजर आ रही हैं।
दरअसल, हाई-स्पीड इंटरनेट और सस्ते ब्रॉडबैंड की पहुंच बढ़ने के साथ ही ओटीटी प्लेटफॉर्म्स का प्रभाव तेजी से बढ़ा है। अब दर्शकों को मोबाइल, स्मार्ट टीवी और लैपटॉप पर कम कीमत में वेब सीरीज, फिल्में और लाइव कंटेंट देखने की सुविधा मिल रही है। इसी वजह से बड़ी संख्या में लोग पारंपरिक टीवी प्लेटफॉर्म से दूर होते जा रहे हैं।
DTH सब्सक्राइबर में लगातार गिरावट
टेलीकॉम टॉक की रिपोर्ट के अनुसार, टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) की हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि दिसंबर 2025 की तिमाही में भारत में डीटीएच सब्सक्राइबर बेस में साल-दर-साल 12.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद कुल सब्सक्राइबर संख्या घटकर 50.99 मिलियन रह गई।
आंकड़ों के अनुसार:
- 31 दिसंबर 2024 तक एक्टिव सब्सक्राइबर बेस: 58.22 मिलियन
- मार्च 2025: 56.92 मिलियन
- जून 2025: 56.07 मिलियन
- सितंबर 2025: 52.78 मिलियन
- दिसंबर 2025: 50.99 मिलियन
इस तरह एक साल में डीटीएच सेक्टर ने 7 मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर खो दिए।
OTT प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती लोकप्रियता
Netflix, Amazon Prime Video और Disney+ Hotstar जैसे ओटीटी प्लेटफॉर्म दर्शकों को ओरिजिनल कंटेंट, नई वेब सीरीज और एक्सक्लूसिव फिल्में उपलब्ध करा रहे हैं। इसी कारण बड़ी संख्या में दर्शक पारंपरिक टीवी कंटेंट से हटकर इन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की ओर रुख कर रहे हैं।
सस्ते इंटरनेट ने बदली दर्शकों की पसंद
भारत में सस्ते मोबाइल डेटा और ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के विस्तार से स्मार्ट टीवी का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ा है। अब लोग ऐसे विकल्प चाहते हैं जहां एक ही डिवाइस पर लाइव टीवी, यूट्यूब, नेटफ्लिक्स और प्राइम वीडियो जैसे ऐप्स चल सकें। इससे डीटीएच सेट-टॉप बॉक्स की जरूरत धीरे-धीरे कम होती जा रही है।
IPTV की ओर बढ़ रही कंपनियां
बदलते दौर को देखते हुए डीटीएच कंपनियां भी नई तकनीक की ओर बढ़ रही हैं। उदाहरण के तौर पर भारती एयरटेल अपने ब्रॉडबैंड ग्राहकों को IPTV (इंटरनेट प्रोटोकॉल टीवी) सेवा दे रही है। इस सेगमेंट में एयरटेल के पास करीब 2.54 मिलियन सब्सक्राइबर के साथ सबसे बड़ा एक्टिव बेस है।
वहीं रिलायंस जियो भी अपने फाइबर और एयर फाइबर ब्रॉडबैंड नेटवर्क के जरिए आईपीटीवी सेगमेंट में तेजी से विस्तार की योजना बना रहा है।
दरअसल, IPTV तकनीक में केबल या सैटेलाइट की जगह इंटरनेट कनेक्शन के जरिए टीवी पर कंटेंट दिखाया जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में मनोरंजन की दुनिया में इंटरनेट आधारित सेवाओं का प्रभाव और बढ़ेगा और डीटीएच इंडस्ट्री को और चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।