STAR NEWS 24 | 2 मार्च 2026
सनातन परंपरा में होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता का पर्व भी है। फाल्गुन मास की पूर्णिमा को Holi का होलिका दहन किया जाता है। वर्ष 2026 में 03 मार्च को होलिका दहन और 04 मार्च को रंगों की होली मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, होली की रात साधना और दीपदान का विशेष महत्व है।
चार प्रमुख महारात्रियों में विशेष स्थान
शास्त्रों में होली की रात को वर्ष की चार प्रमुख पवित्र रात्रियों में गिना गया है। अन्य तीन हैं Diwali, Janmashtami और Maha Shivaratri। मान्यता है कि इन रात्रियों में किया गया जप, तप और पूजन कई गुना फल देता है।
होली की रात दीपक जलाने के लाभ
1. पीपल के नीचे दीप प्रज्वलित करें
होलिका दहन के बाद पीपल के वृक्ष के नीचे घी का दीपक जलाकर सात परिक्रमा करना शुभ माना जाता है। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और जीवन की बाधाएं कम होती हैं।
2. दक्षिण-पश्चिम दिशा में दीपक
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा स्थिरता और धन से जुड़ी होती है। इस दिशा में दीप जलाने से आर्थिक स्थिति मजबूत होने की मान्यता है।
3. मुख्य द्वार पर दीपदान
घर के मुख्य प्रवेश द्वार के दोनों ओर दीपक जलाने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
4. पूजा घर में दीपक
मंदिर या पूजा स्थान पर घी का दीपक जलाकर ईश्वर का स्मरण करने से मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।
5. तुलसी के पास दीपक
तुलसी के पौधे के पास दीप जलाना अत्यंत शुभ माना गया है। इससे घर में समृद्धि और सकारात्मकता बनी रहती है।
आध्यात्मिक ऊर्जा का पर्व
होलिका दहन की रात श्रद्धा और नियमपूर्वक दीपदान करने से घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। यह पर्व हमें बुराई पर अच्छाई की जीत और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का संदेश देता है।