Donald Trump ने ईरान के साथ दो हफ्तों के युद्धविराम के बाद एक बड़ा आर्थिक फैसला लेते हुए उन देशों को सख्त चेतावनी दी है जो ईरान को सैन्य हथियारों की आपूर्ति करेंगे। ट्रंप ने घोषणा की है कि ऐसे देशों पर अमेरिका 50 प्रतिशत तक भारी टैरिफ लगाएगा।
ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए यह संदेश जारी करते हुए कहा कि यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू होगा और इसमें किसी भी देश को कोई छूट नहीं दी जाएगी। माना जा रहा है कि इस कदम का मकसद Iran को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करना और उस पर दबाव बनाना है।
इस ऐलान के बाद वैश्विक बाजारों और कई देशों में चिंता का माहौल बन गया है। खासतौर पर वे देश जो ईरान के साथ रक्षा सहयोग रखते हैं, अब मुश्किल स्थिति में आ सकते हैं। उनके सामने एक तरफ अमेरिका जैसा बड़ा व्यापारिक साझेदार है, तो दूसरी ओर ईरान के साथ उनके रणनीतिक रिश्ते।
विशेषज्ञों का मानना है कि 50 प्रतिशत टैरिफ का असर सीधे उन देशों के निर्यात पर पड़ेगा जो अमेरिका को सामान भेजते हैं। इससे उनके व्यापार और अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है।
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप का यह कदम अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कूटनीति में नई बहस को जन्म दे सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इससे आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर ‘टैरिफ वॉर’ जैसी स्थिति भी बन सकती है।