69000 शिक्षक भर्ती मामला: आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों को सुप्रीम कोर्ट से न्याय की उम्मीद, कल अहम सुनवाई
प्रयागराज। बेसिक शिक्षा परिषद की 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती से जुड़े आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों के मामले में 19 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई प्रस्तावित है। यह सुनवाई जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ए.जी. मसीह की खंडपीठ में होगी, जिस पर हजारों अभ्यर्थियों की निगाहें टिकी हुई हैं।
बताया जा रहा है कि आरक्षण से प्रभावित अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री कार्यालय में मुलाकात कर सरकार से मांग की है कि सुनवाई के दौरान ‘याची लाभ’ से संबंधित प्रस्ताव न्यायालय में प्रस्तुत किया जाए। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि सरकार इस दिशा में सकारात्मक पहल करती है तो लंबे समय से चल रहा विवाद समाप्त हो सकता है।
पिछड़ा दलित संयुक्त मोर्चा के प्रदेश मीडिया प्रभारी राजेश चौधरी के अनुसार, पीड़ित अभ्यर्थी वर्ष 2020 से हाई कोर्ट में याचिका दायर कर आरक्षण नियमों के अनुसार न्याय की मांग कर रहे हैं। 13 अगस्त 2024 को हाई कोर्ट की डबल बेंच ने भर्ती सूची को निरस्त कर नई सूची तैयार करने के निर्देश दिए थे, जिसमें आरक्षण नियमावली का पालन अनिवार्य बताया गया था। हालांकि, अभ्यर्थियों का आरोप है कि अब तक इस आदेश का पूर्ण अनुपालन नहीं किया गया।
करीब 18 महीनों से मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, जिससे अभ्यर्थियों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति प्रभावित हो रही है। ऐसे में 19 मार्च की सुनवाई को निर्णायक माना जा रहा है और अभ्यर्थियों को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।