Iran ने दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाने का बड़ा फैसला किया है। ईरान की संसद की सुरक्षा समिति ने सोमवार को “होर्मुज प्रबंधन योजना” को मंजूरी दे दी, जिसके तहत इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूला जाएगा।
ईरान के सरकारी मीडिया Islamic Republic of Iran Broadcasting (IRIB) के मुताबिक राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के एक सदस्य ने बताया कि योजना को औपचारिक स्वीकृति मिल चुकी है। इस योजना में जलडमरूमध्य की सुरक्षा व्यवस्था, जहाजों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, वित्तीय प्रबंधन और रियाल आधारित टोल प्रणाली लागू करने जैसे प्रावधान शामिल हैं।
ईरान ने साथ ही United States और Israel के जहाजों के होर्मुज से गुजरने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके अलावा उन देशों के जहाजों पर भी रोक लगाई गई है जो ईरान के खिलाफ प्रतिबंधों में शामिल हैं। इस जलमार्ग के संचालन के लिए ईरान ने Oman के साथ सहयोग की रूपरेखा भी तय की है।
होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में गिना जाता है और यहां से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल की आपूर्ति होती है। यह महत्वपूर्ण जलमार्ग ईरान और ओमान के बीच स्थित है और इसकी लंबाई लगभग 161 किलोमीटर है।
ईरान ने यह कदम ऐसे समय उठाया है जब उसका अमेरिका और इजरायल के साथ तनाव चरम पर है। इस संघर्ष के बीच ईरान ने होर्मुज मार्ग को रणनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। कई जहाजों की आवाजाही सीमित कर दी गई है और केवल उन्हीं जहाजों को गुजरने की अनुमति दी जा रही है जिन्हें ईरानी सेना इजाजत दे रही है।
ईरान के इस फैसले का असर वैश्विक व्यापार और तेल बाजार पर भी पड़ने लगा है। होर्मुज मार्ग पर नियंत्रण और टोल व्यवस्था लागू होने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार को झटका लगने की आशंका है और वैश्विक तेल कीमतों में भी तेजी देखी जा रही है।