सोशल मीडिया की लत पर ऐतिहासिक मुकदमा: युवती ने Meta और YouTube पर लगाया मानसिक नुकसान का आरोप

STAR NEWS 24 : BY ASIF ALVI

अमेरिका में सोशल मीडिया की लत और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक ऐतिहासिक मुकदमा चल रहा है। इस केस में 20 वर्षीय युवती Kaley और उसकी मां ने Meta Platforms (Instagram की मालिक) और YouTube पर आरोप लगाया है कि इन प्लेटफॉर्म्स को जानबूझकर इस तरह डिजाइन किया गया कि बच्चे लंबे समय तक इन पर जुड़े रहें और धीरे-धीरे इसके आदी बन जाएं।

बचपन से शुरू हुआ सोशल मीडिया इस्तेमाल

अदालत में Kaley ने बताया कि उसने 6 साल की उम्र में YouTube इस्तेमाल करना शुरू कर दिया था और 9 साल की उम्र में Instagram पर अकाउंट बना लिया। वह लगातार वीडियो देखती और पोस्ट करती रहती थी। 10 साल की उम्र तक उसने YouTube पर लगभग 200 वीडियो अपलोड कर दिए थे।

उसने बताया कि वह देर रात तक फोन चलाती थी, स्कूल में क्लास के दौरान भी सोशल मीडिया इस्तेमाल करती थी और लाइक्स-कमेंट्स देखने की लगातार इच्छा रहती थी।

मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर

Kaley का दावा है कि सोशल मीडिया की लत के कारण उसे डिप्रेशन, चिंता, अकेलापन और आत्म-सम्मान की समस्या होने लगी। उसने अदालत में कहा कि कम प्रतिक्रिया मिलने पर उसे लगता था कि वह “काबिल नहीं है”। कुछ समय बाद उसने खुद को नुकसान पहुंचाने जैसी हरकतें भी कीं।

उसके वकीलों के मुताबिक प्लेटफॉर्म के फीचर्स जैसे ऑटो-प्ले, अनंत स्क्रॉलिंग और ब्यूटी फिल्टर बच्चों को लंबे समय तक ऐप पर रोके रखते हैं और उनके दिमाग में डोपामिन जैसी प्रतिक्रिया पैदा करते हैं, जिससे लत बढ़ती है।

ब्यूटी फिल्टर से बढ़ी असुरक्षा

Kaley ने कहा कि Instagram के ब्यूटी फिल्टर के कारण उसे अपने चेहरे और शरीर को लेकर असुरक्षा होने लगी। वह रोज सुबह 3 से 4 घंटे अपने लुक्स सुधारने में बिताने लगी और अपने फोटो लगभग हमेशा फिल्टर के साथ पोस्ट करती थी।

कंपनियों ने आरोपों से किया इनकार

Meta और YouTube ने इन आरोपों को खारिज किया है। कंपनियों का कहना है कि उन्होंने युवाओं की सुरक्षा के लिए कई सेफ्टी फीचर, पैरेंटल कंट्रोल और उम्र सीमा नियम लागू किए हैं। Meta का कहना है कि Kaley की मानसिक समस्याओं के पीछे पारिवारिक परिस्थितियां भी एक कारण हो सकती हैं।

मार्क जुकरबर्ग की अदालत में गवाही

इस मामले में Meta के सीईओ Mark Zuckerberg को भी अदालत में गवाही देनी पड़ी। उन्होंने कहा कि कंपनी का उद्देश्य लोगों को जोड़ना है और सोशल मीडिया को जानबूझकर “लत लगाने वाला” बनाने का आरोप सही नहीं है।

हजारों मुकदमों पर पड़ सकता है असर

यह मुकदमा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अमेरिका में सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ हजारों मामले चल रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार अगर अदालत Kaley के पक्ष में फैसला देती है, तो इससे भविष्य में टेक कंपनियों की जिम्मेदारी तय करने के लिए नया कानूनी उदाहरण बन सकता है।

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