यूपी में बिजली व्यवस्था पर सख्ती: ट्रांसफार्मर जला तो अभियंताओं की जेब से होगी भरपाई
Uttar Pradesh में बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने और ट्रांसफार्मरों के बार-बार जलने की समस्या पर रोक लगाने के लिए पावर कॉर्पोरेशन ने सख्त कदम उठाया है। अब ट्रांसफार्मर जलने की स्थिति में संबंधित अभियंताओं की जिम्मेदारी तय की जाएगी और मरम्मत में आने वाला खर्च भी उन्हीं से वसूला जाएगा।
Dr. Ashish Goyal ने इस संबंध में सभी बिजली वितरण निगमों के प्रबंध निदेशकों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। नए आदेश के तहत ट्रांसफार्मर खराब होने पर उसकी क्षमता के आधार पर अभियंताओं से तय प्रतिशत के अनुसार रिकवरी की जाएगी।
निर्देशों के मुताबिक 10 केवीए से 63 केवीए तक के ट्रांसफार्मर जलने पर अवर अभियंता से 50 प्रतिशत, उपखंड अधिकारी से 30 प्रतिशत और अधिशासी अभियंता से 20 प्रतिशत राशि वसूली जाएगी। वहीं 100 केवीए से 250 केवीए क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों के मामले में अवर अभियंता और उपखंड अधिकारी से 40-40 प्रतिशत तथा अधिशासी अभियंता से 20 प्रतिशत रिकवरी की जाएगी।
इसके अलावा 400 केवीए से 1000 केवीए तक के ट्रांसफार्मरों के जलने पर अवर अभियंता, उपखंड अधिकारी और अधिशासी अभियंता से 30-30 प्रतिशत तथा अधीक्षण अभियंता से 10 प्रतिशत राशि वसूली जाएगी।
निर्देश में यह भी कहा गया है कि रिकवरी की प्रक्रिया शुरू करने से पहले संबंधित अधिकारियों को सक्षम प्राधिकारी द्वारा नियम-10 के तहत नोटिस जारी किया जाएगा। साथ ही सभी डिस्कॉम को निर्देश दिए गए हैं कि हर क्षमता के ट्रांसफार्मरों पर शत-प्रतिशत फ्यूज सेट या टेललेस यूनिट लगाए जाएं, ताकि उन्हें नुकसान से बचाया जा सके।
पावर कॉर्पोरेशन का मानना है कि इस सख्त कदम से ट्रांसफार्मरों के रखरखाव में सुधार होगा और बिजली आपूर्ति व्यवस्था अधिक मजबूत और भरोसेमंद बन सकेगी।