मजदूर के बेटे विमल कुमार ने रचा इतिहास, UPSC 2025 में 107वीं रैंक हासिल कर बढ़ाया गांव का मान


रईस अल्वी वरिष्ठ संवाददाता स्टार न्यूज़ 24।


आर्थिक तंगी और कठिन परिस्थितियों के बीच पले-बढ़े एक मजदूर के बेटे ने अपने हौसले और मेहनत के दम पर देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 107वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार और गांव का नाम रोशन कर दिया।
गुरुबख्शगंज क्षेत्र के चांदेमऊ गांव निवासी रामदेव मजदूरी कर अपने परिवार का गुजारा करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उनके सबसे छोटे बेटे विमल कुमार ने कभी हिम्मत नहीं हारी और अपने दृढ़ संकल्प के साथ लगातार मेहनत करते रहे। विमल ने केवल सेल्फ स्टडी के भरोसे अपने पांचवें प्रयास में यह बड़ी सफलता हासिल की।
बताया जा रहा है कि 6 मार्च की दोपहर बाद विमल ने गांव में ही अपना परीक्षा परिणाम देखा। जैसे ही परिणाम में उन्होंने देशभर में 107वीं रैंक के साथ अपना नाम देखा तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। यह खबर कुछ ही देर में पूरे गांव में फैल गई और परिवार के साथ-साथ गांव के लोग भी उनकी सफलता पर बधाई देने के लिए उनके घर पहुंचने लगे।
विमल कुमार की इस उपलब्धि से पूरे गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि विमल की मेहनत और लगन ने यह साबित कर दिया कि यदि इंसान के इरादे मजबूत हों तो कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी सफलता हासिल की जा सकती है। उनकी सफलता आज युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *