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यूपी चुनाव से पहले कांशीराम पर सियासी संग्राम, मायावती ने राहुल-अखिलेश को घेरा
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले बहुजन समाज पार्टी (BSP) के संस्थापक मान्यवर कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कांशीराम को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने की मांग उठाए जाने और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के समर्थन के बाद BSP सुप्रीमो मायावती ने दोनों दलों पर तीखा हमला बोला है।

मायावती ने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही कांग्रेस और सपा जैसी पार्टियां वोट बैंक की राजनीति के तहत कांशीराम का नाम उठा रही हैं, जो पूरी तरह हास्यास्पद है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये दल शुरू से ही दलित-विरोधी रहे हैं और BSP को कमजोर करने की कोशिश करते रहे हैं, लेकिन कांशीराम की विचारधारा पर बनी पार्टी को कोई हिला नहीं सकता।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में कांशीराम को भारत रत्न नहीं दिया, जबकि अब दूसरी सरकार से यह मांग करना राजनीतिक स्वार्थ को दर्शाता है। मायावती ने सपा पर भी आरोप लगाया कि BSP सरकार के दौरान कांशीराम के सम्मान में किए गए कई कार्यों को बाद में बदला गया, जिसे उन्होंने “दोगली राजनीति” करार दिया।
दरअसल, हाल ही में एक कार्यक्रम में प्रस्ताव पारित कर कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग की गई थी। इस मुद्दे पर विभिन्न दलों के बयानों के बाद अब प्रदेश की राजनीति में नया सियासी घमासान शुरू हो गया है।