रिपोर्ट: रईस अल्वी, वरिष्ठ संवाददाता
STAR NEWS 24 – डेस्क
पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर Bharatiya Janata Party ने अपनी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। पार्टी इस बार 2019 के लोकसभा चुनाव और 2021 के विधानसभा चुनाव के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।
मुस्लिम बहुल सीटों पर अलग रणनीति
पार्टी सूत्रों के मुताबिक बीजेपी राज्य की सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी, लेकिन मुस्लिम बहुल सीटों के लिए विशेष रणनीति तैयार की गई है। बताया जा रहा है कि करीब 70 से 85 सीटें ऐसी हैं जहां चुनावी परिणामों पर मुस्लिम मतदाताओं का बड़ा प्रभाव रहता है।
पिछले विधानसभा चुनाव में इन सीटों पर All India Trinamool Congress का दबदबा देखने को मिला था और पार्टी ने इनमें से अधिकांश सीटों पर जीत दर्ज की थी।
इन जिलों में अधिक प्रभाव
मालदा, मुर्शिदाबाद, बीरभूम, उत्तर दिनाजपुर और दक्षिण 24 परगना जैसे जिलों में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या काफी अधिक है। इन्हीं क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने प्रचार और चुनाव प्रबंधन के लिए अलग टैक्टिकल प्लान तैयार किया है।
हिंदू बहुल सीटों पर आक्रामक प्रचार
बीजेपी की रणनीति के तहत हिंदू मतदाता बहुल सीटों पर पार्टी जोरदार प्रचार अभियान चलाने की योजना बना रही है। इसमें कानून-व्यवस्था, रोजगार के अवसर और क्षेत्रीय विकास जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी जाएगी।
क्षेत्रवार भी बनाई रणनीति
राजनीतिक और भौगोलिक समीकरण को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने अलग-अलग क्षेत्रों के लिए अलग रणनीति बनाई है।
उत्तरी बंगाल में पार्टी राजबंशी समुदाय, चाय बागान मजदूरों और अन्य स्थानीय समुदायों के बीच अपना समर्थन मजबूत करने की कोशिश कर रही है। इस क्षेत्र में सिलिगुड़ी, दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, कूचबिहार और अलीपुरदुआर जैसे जिले शामिल हैं।
दक्षिण बंगाल में चुनौती
वहीं हावड़ा, हुगली, पुरूलिया, बर्धमान और मेदिनीपुर जैसे मध्य क्षेत्रों में बीजेपी ने पिछले चुनावों में अपनी पकड़ मजबूत की है। हालांकि दक्षिणी बंगाल अब भी पार्टी के लिए चुनौती बना हुआ है, जहां उत्तर और दक्षिण 24 परगना तथा कोलकाता का प्रेसीडेंसी क्षेत्र शामिल है।
बीजेपी यहां मतुआ, नामशूद्र समुदाय और हिंदू शरणार्थियों के बीच अपना आधार बढ़ाने की कोशिश कर रही है, ताकि आगामी चुनावों में दक्षिणी बंगाल में भी पार्टी की स्थिति मजबूत की जा सके।