देशभर में नशीले पदार्थों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच की रिपोर्ट ने गंभीर तस्वीर सामने रखी है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2022 में एनडीपीएस एक्ट के तहत 1.44 लाख से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 34 प्रतिशत ज्यादा है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि देश में ड्रग्स तस्करी और नशे का कारोबार तेजी से फैल रहा है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि सालभर के दौरान बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों की जब्ती भी की गई। सबसे अधिक गांजा बरामद किया गया, जबकि हेरोइन, पोस्ता छिलका और मार्फीन जैसी खतरनाक नशीली वस्तुओं की भी भारी मात्रा में बरामदगी दर्ज की गई। एजेंसियों द्वारा लगातार अभियान चलाए जाने के बावजूद ड्रग नेटवर्क कई राज्यों में सक्रिय बना हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते मामलों को केवल अपराध वृद्धि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। कई बार अधिक केस दर्ज होना पुलिस की बेहतर निगरानी, सक्रिय कार्रवाई और सख्त कानून लागू करने का संकेत भी होता है। अलग-अलग राज्यों की पुलिसिंग व्यवस्था और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया भी आंकड़ों को प्रभावित करती है।
रिपोर्ट साफ संकेत देती है कि भारत में नशे की समस्या अब केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक चुनौती का रूप ले चुकी है, जिससे युवाओं का भविष्य भी प्रभावित हो रहा है।