सम्भल/बहजोई। ग्रामीण क्षेत्रों में कथित झोलाछाप चिकित्सकों के इलाज का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बहजोई थाना क्षेत्र के गांव मडनपुर में उपचार के बाद एक महिला की हालत बिगड़ गई और मुरादाबाद ले जाते समय उसकी मौत हो गई। घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मृतका अपने पीछे चार वर्षीय बेटी पल्लवी और ढाई वर्षीय बेटे नितेश को छोड़ गई।

गांव मडनपुर निवासी महावीर की पत्नी सावित्री की अचानक तबीयत खराब हुई थी। परिजनों के मुताबिक, उसने गांव में रजनीश नामक व्यक्ति से दवा ली। दवा लेने के कुछ समय बाद उसे शरीर में झनझनाहट समेत अन्य परेशानी होने लगी। हालत में सुधार न होने पर परिजन उसे गांव के ही दूसरे कथित झोलाछाप अनुज के पास ले गए। आरोप है कि वहां उपचार के दौरान उसे ड्रिप लगाई गई, जिसके बाद उसकी हालत और बिगड़ गई।

गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजन सावित्री को बहजोई ले गए और बाद में बेहतर उपचार के लिए मुरादाबाद ले जाने लगे। रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि परिजनों ने घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी और महिला का अंतिम संस्कार कर दिया। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच कर कार्रवाई तथा बिना मान्यता इलाज करने वालों पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग की है।