पश्चिम एशिया में जारी ईरान और इजरायल के बीच युद्ध लगातार 27वें दिन भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों देशों के बीच मिसाइल हमले तेज हो गए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। युद्ध के कारण तेल और गैस की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिसके चलते दुनिया के कई देशों में ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है। कुछ देशों ने तो तेल-गैस की कमी को देखते हुए आपातकाल जैसी स्थिति भी घोषित कर दी है।
इसी बीच रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin का बड़ा बयान सामने आया है। गुरुवार (26 मार्च) को मॉस्को में बिजनेस लीडर्स के साथ बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के परिणामों का अनुमान लगाना बेहद मुश्किल है, लेकिन इसके असर की तुलना कोविड-19 महामारी से की जा रही है।
पुतिन ने कहा कि यह युद्ध अंतरराष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स, उत्पादन और वैश्विक सप्लाई चेन को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है। इसके कारण तेल-गैस, धातु और उर्वरक उद्योगों पर भी भारी दबाव बन रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जब युद्ध में शामिल देश खुद भविष्य का अंदाजा नहीं लगा पा रहे हैं, तो दुनिया के लिए इसके प्रभाव का सटीक आकलन करना और भी कठिन हो जाता है।
रूसी राष्ट्रपति ने रूसी कंपनियों और