मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच United States और Iran के बीच चल रहे संघर्ष पर फिलहाल दो सप्ताह के लिए युद्धविराम हो गया है। इस अस्थायी सीजफायर को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सवाल उठ रहे हैं कि यह समझौता किसकी पहल पर हुआ और क्षेत्र की आगे की स्थिति क्या होगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस समझौते का श्रेय पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और सेना प्रमुख Asim Munir को दिया है। ट्रंप के अनुसार दोनों नेताओं ने ईरान पर संभावित बड़े हमले को रोकने के लिए पहल की थी। वहीं कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में China की भूमिका भी बताई जा रही है, जिसने ईरान को युद्धविराम के लिए राजी करने में मदद की।
बताया जा रहा है कि ईरान की ओर से पेश किए गए 10 सूत्रीय प्रस्ताव ने इस समझौते में अहम भूमिका निभाई। इसमें आर्थिक प्रतिबंधों में राहत, सुरक्षा गारंटी और क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की वापसी जैसी मांगें शामिल थीं।
इस बीच Israel ने भी फिलहाल बातचीत जारी रहने तक हमले रोकने की बात कही है, हालांकि क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं मानी जा रही है।
वहीं दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक Strait of Hormuz को लेकर भी नजर बनी हुई है। ईरान ने संकेत दिया है कि युद्धविराम के बाद इस समुद्री मार्ग को दोबारा खोलने पर विचार किया जा सकता है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।